देहरादून। उत्तराखंड की धामी सरकार के मंत्रिमंडल में कांग्रेसी पृष्ठभूमि वाले नेताओं का प्रभाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। वर्तमान कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कुल 12 मंत्रियों में से सात ऐसे हैं, जो कभी कांग्रेस का हिस्सा रहे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए।
राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि सरकार में अब उन नेताओं की संख्या अधिक हो गई है, जिनकी राजनीतिक जड़ें कांग्रेस से जुड़ी रही हैं। हाल ही में कैबिनेट में शामिल किए गए पांच विधायकों में से केवल मदन कौशिक और खजान दास ही शुद्ध रूप से भाजपा पृष्ठभूमि के माने जाते हैं। जबकि भरत सिंह चौधरी, राम सिंह कैड़ा और प्रदीप बत्रा का संबंध पूर्व में कांग्रेस से रहा है, हालांकि ये लंबे समय से भाजपा में सक्रिय हैं।
यदि पुराने मंत्रियों पर नजर डालें तो सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा और रेखा आर्य भी कांग्रेस पृष्ठभूमि से ही आए हैं। वहीं, गणेश जोशी और धन सिंह रावत ऐसे मंत्री हैं, जिनका राजनीतिक सफर पूरी तरह भाजपा के साथ ही जुड़ा रहा है।
गौरतलब है कि कांग्रेसी पृष्ठभूमि वाले अधिकांश मंत्री पूर्व में कांग्रेस से विधायक या मंत्री भी रह चुके हैं, जिससे सरकार में उनके अनुभव और प्रभाव दोनों की झलक देखने को मिल रही है।



