जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा तेल कलश बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गया। इस दौरान भगवान बदरी विशाल के भजनों और महिलाओं व सेना के बैंड की मधुर ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।
बताया गया कि यात्रा दल पांडुकेश्वर स्थित योग ध्यान बदरी में रात्रि विश्राम करेगा। इसके बाद अगले दिन भगवान कुबेर व उद्धव की डोली, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। इस दौरान बदरीनाथ धाम के रावल भी यात्रा के साथ मौजूद रहे।
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को विधि-विधान के साथ बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।



