देहरादून। दो दिन बाद शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा को लेकर देश-विदेश से हजारों तीर्थयात्री तैयार हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। ठंड और ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों के लिए 13 भाषाओं में एहतियाती दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर 25 विशेषज्ञ डॉक्टर, 178 मेडिकल अधिकारी और 414 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए गए हैं।
रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में 47 स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 57 स्क्रीनिंग कियोस्क लगाए गए हैं, जहां उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और डायबिटीज समेत अन्य बीमारियों की जांच की जाएगी।
तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए 112, 108 और 104 हेल्पलाइन नंबर चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। 104 हेल्पलाइन के माध्यम से उच्च जोखिम वाले यात्रियों की लगातार निगरानी भी की जाएगी।
यात्रा के दौरान रखें ये सावधानियां
बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में मौसम पल-पल बदलता है। ऐसे में तीर्थयात्री गरम कपड़े अवश्य साथ रखें। साथ ही रेनकोट या छाता भी जरूरी है। पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालु हल्का भोजन और जरूरी सामान साथ रखें तथा हर दो से तीन किलोमीटर चलने के बाद कुछ देर विश्राम अवश्य करें।



