देहरादून। हरीश रावत ने डिफेंस कॉलोनी स्थित अपने आवास पर खीरा, खरबूजा, रागी और तरबूज पार्टी का आयोजन कर एक बार फिर सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी। यह आयोजन महज एक सामान्य मेल-मिलाप नहीं, बल्कि इसके जरिए उनका स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी सामने आया।
पूर्व मुख्यमंत्री रावत इससे पहले भी माल्टा पार्टी जैसे आयोजनों के जरिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और आम जनता से सीधे जुड़ने का प्रयास करते रहे हैं। उनकी यह नई “फल पार्टी” भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके माध्यम से उन्होंने अपनी सक्रियता का संकेत दिया है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस आयोजन के जरिए रावत ने पार्टी के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। कार्यक्रम में शामिल लोगों के बीच उनकी सक्रिय भागीदारी और संवाद ने उनके सियासी इरादों को भी उजागर किया।
इस दौरान उन्होंने नारी शक्ति बंधन अधिनियम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसका समर्थन किया, लेकिन परिसीमन के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक में निर्णय लेने की बात कही।



