तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर चला आ रहा सियासी गतिरोध आखिरकार शुक्रवार को खत्म हो गया। तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने शुक्रवार शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर कांग्रेस समेत अन्य दलों के समर्थन पत्र सौंपे। इसके बाद राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने का न्योता दे दिया। विजय शनिवार सुबह 11 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
टीवीके प्रमुख विजय ने बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों का आंकड़ा सहयोगी दलों के समर्थन से हासिल कर लिया। कांग्रेस ने पांच सीटों के साथ समर्थन दिया, जबकि वीसीके, सीपीएम और सीपीआई ने दो-दो सीटों के साथ टीवीके के पक्ष में समर्थन का एलान किया।
राज्यपाल आरवी आर्लेकर और विजय के बीच यह तीसरी मुलाकात थी। इससे पहले बुधवार और गुरुवार को हुई बैठकों में राज्यपाल ने यह कहते हुए सरकार गठन के दावे को स्वीकार नहीं किया था कि विजय के पास बहुमत का स्पष्ट समर्थन नहीं है। हालांकि शुक्रवार को समर्थन पत्र पेश किए जाने के बाद स्थिति साफ हो गई।
सरकार गठन को लेकर वाम दलों ने भी टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया। सीपीआई और सीपीएम के नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि तमिलनाडु की जनता ने बदलाव के पक्ष में जनादेश दिया है और लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत टीवीके को समर्थन देने का निर्णय लिया गया है।
पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में विजय की तमिलगा वेट्री कझगम ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 234 में से 107 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके साथ ही पार्टी ने डीएमके और एआईएडीएमके के तमिलनाडु की राजनीति पर पिछले 62 वर्षों से चले आ रहे वर्चस्व को बड़ा झटका दिया।
कांग्रेस ने सबसे पहले डीएमके से अलग होकर विजय को समर्थन देने का एलान किया था। इसके बाद अन्य दलों को भी टीवीके के समर्थन में लाने की कोशिशें तेज हुईं। आखिरकार सहयोगी दलों के समर्थन के साथ विजय ने सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया।



