नगर पालिका क्षेत्र के बहुगुणानगर में भूधंसाव से प्रभावित स्थानीय लोगों ने बुधवार को चल रहे ट्रीटमेंट कार्य का विरोध कर दिया। प्रभावितों ने मौके पर पहुंची विभागीय मशीनों को काम नहीं करने दिया और पहले मुआवजा देने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया।
बताया जा रहा है कि बहुगुणानगर में पिछले करीब चार वर्षों से भूधंसाव की समस्या बनी हुई है, जिससे लगभग 38 परिवार प्रभावित हैं। सरकार ने यहां सुरक्षा कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। बुधवार को सिंचाई विभाग के अधिकारी, ठेकेदार और श्रमिक कार्य शुरू करने पहुंचे, लेकिन इसकी जानकारी मिलते ही प्रभावित लोग भी मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रभावितों में शामिल पुष्कर सिंह रावत, सभासद कमला रतूड़ी, पूर्व सभासद हरेंद्र बिष्ट, राखी रावत और सुधीर नेगी ने कहा कि वे पिछले चार वर्षों से दरकते मकानों में रहने को मजबूर हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला। उनका कहना है कि सुरक्षा कार्यों का वे विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन पहले क्षतिग्रस्त मकानों का उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
सूचना मिलने पर राजस्व निरीक्षक अरविंद कुंवर और उपनिरीक्षक विवेक रावत भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद प्रभावितों ने मंडी परिसर में मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला दहन किया।
सहमति न बनने से अटका मामला
तहसीलदार सुधा डोभाल ने बताया कि हाल ही में जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ प्रभावितों की बैठक हुई थी। बैठक में कुछ लोगों ने मुआवजे की मांग की, जबकि कुछ ने विस्थापन की बात रखी। एक राय नहीं बनने के कारण मामला फिलहाल लंबित है। अब सुरक्षा कार्यों को लेकर विरोध सामने आ रहा है, जिस पर उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
वैज्ञानिक विधि से होंगे सुरक्षा कार्य
सहायक अभियंता सिंचाई विभाग शुभम डोभाल के अनुसार, बहुगुणानगर में लगभग 187 मीटर क्षेत्र में ड्रिलिंग और पाइलिंग सहित वैज्ञानिक तरीकों से सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे भूधंसाव की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।



