देहरादून। टिकट व पद दिलाने के नाम पर हुई ठगी के मामले को कांग्रेस अब अंतिम छोर तक ले जाने की तैयारी में है। इस प्रकरण में राहुल गांधी के पीएस ‘कनिष्क’ के नाम का इस्तेमाल कर पार्टी नेताओं से फोन पर बातचीत और रकम वसूली किए जाने से राष्ट्रीय नेतृत्व तक सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी इस पूरे मामले का पर्दाफाश करना चाहती है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के अर्जित अवकाश के बाद पार्टी में उठा विवाद थमा ही था कि महिला नेत्री भावना पांडे द्वारा प्रदेश अध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों के बाद ठगी प्रकरण सामने आ गया। आरोप है कि ठग ने खुद को राहुल गांधी का पीएस बताकर वरिष्ठ नेताओं से फोन पर बातचीत की और उनकी रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल कर अन्य कार्यकर्ताओं से पद व टिकट दिलाने के नाम पर पैसे वसूले।
बताया जा रहा है कि ठग ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से भी संपर्क कर मामले में समझौते का दबाव बनाया और पद से हटाने की धमकी तक दी। इस पूरे घटनाक्रम में कुछ पार्टी नेताओं की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, जिसकी जांच कांग्रेस अब गहराई से करेगी।
मेरे खिलाफ रची जा रही थी साजिश: गोदियाल
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उनके खिलाफ पिछले डेढ़-दो महीने से साजिश रची जा रही थी। कार्यकर्ताओं से भी उन्हें इसकी जानकारी मिल रही थी। उन्होंने कहा कि वह एक साधारण कार्यकर्ता हैं और अपने काम पर विश्वास रखते हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक हुए गोदियाल ने कहा, “मैं कई दिनों से सो नहीं पाया, डर की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए कि जिन आरोपों को मुझ पर लगाया गया, उनके बारे में मैंने कभी सोचा तक नहीं। मेरे परिवार ने भी इस तनाव को झेला है। यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसका पर्दाफाश हो चुका है।” उन्होंने कहा कि ठगी के शिकार लोगों की मंशा भी सार्वजनिक होनी चाहिए।
भाजपा में गए नेताओं की स्थिति कमजोर: हरीश रावत
वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में कहा कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अग्रिम पंक्ति के नेता भाजपा में तीसरी-चौथी पंक्ति तक सिमट गए हैं।
रावत ने कहा, “भाजपा में गए अधिकांश नेता या तो हाशिये पर हैं या फिर उन्हें कोई खास महत्व नहीं मिल रहा है।” उन्होंने 15 मई से राज्यभर में संवाद भ्रमण शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य 2017 की हार का बदला लेकर कांग्रेस को फिर सत्ता में लाना है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि पार्टी में प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य जैसे कई मजबूत नेता हैं और सभी को मिलकर चुनावी रण में उतरना होगा।



